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प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा अत्यंत समृद्ध और वैभवशाली रही है। इसका उद्देश्य धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को समाहित करते हुए व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास करना रहा है। भारत के मनीषियों ने उच्चतम ज्ञान का प्रसार करके मानव को अज्ञानता और पशुता...
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Rs. 350.00- Rs. 315.00
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प्राक्कथन में संत काव्यधारा के दार्शनिक और सांस्कृतिक आधारों का विवेचन किया गया है। उपनिषदों का संतों के चिंतन, जीवन-दर्शन और काव्यधारा पर गहरा प्रभाव रहा है। आचार्य शंकर की विचारधारा ने संतों की साधना-पद्धति और भक्ति-भावना को दिशा दी। निर्गुण और सगुण दोनों...
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Rs. 350.00- Rs. 315.00
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यह पुस्तक हिंदी साहित्य की संपूर्ण यात्रा का संक्षिप्त और सारगर्भित परिचय प्रस्तुत करती है| आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक की प्रमुख साहित्यिक प्रवृत्तियाँ, काव्यधाराएँ और कथा साहित्य के विकास को इसमें क्रमबद्ध रूप से समाहित किया गया है| संत, सूफी और भक्त...
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Rs. 275.00- Rs. 248.00
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मीडिया लेखन और नैतिकता आधुनिक संचार माध्यमों के विविध आयामों पर गहन विचार प्रस्तुत करती है। समाचार पत्र, पत्रिकाएँ, रेडियो, टेलीविजन, वेबसाइट, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म—इन सभी में मीडिया लेखन का स्वरूप, उद्देश्य और चुनौतियाँ अलग-अलग हैं। यह पुस्तक मीडिया की भाषा, नैतिकता,...
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Rs. 350.00- Rs. 315.00
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अनुवाद : स्वरूप, भेद एवं व्यवहार केवल भाषाओं के बीच शब्दों का रूपांतरण नहीं है, बल्कि विचारों, संस्कृतियों और ज्ञान का सेतु है। आधुनिक युग में विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, प्रशासन, पत्रकारिता और साहित्य—हर क्षेत्र में अनुवाद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। यह...
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Rs. 160.00- Rs. 144.00
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