{"product_id":"prayojanmulak-hindi-ke-naye-aayam","title":"प्रयोजनमूलक हिंदी के नए आयाम","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003e\u003cstrong\u003eप्रयोजनमूलक हिंदी के नए आयाम\u003c\/strong\u003e हिंदी भाषा के विविध प्रयोजनपरक रूपों पर गहन विचार प्रस्तुत करती है। आधुनिक युग में हिंदी केवल साहित्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि कार्यालय, विज्ञान, तकनीक, वाणिज्य, बैंकिंग, रेल, जनसंचार, पत्रकारिता, कम्प्यूटिंग और अनुवाद जैसे क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता निरंतर बढ़ रही है। इस पुस्तक में प्रयोजनमूलक हिंदी की परिभाषा, विशेषताएँ, आवश्यकता, महत्त्व और चुनौतियों का सुव्यवस्थित विवेचन किया गया है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eपुस्तक में कार्यालयीन हिंदी के प्रमुख कार्य—प्रारूपण, संक्षेपण, पल्लवन और टिप्पण—के साथ-साथ वैज्ञानिक एवं तकनीकी हिंदी, बैंकिंग क्षेत्र की हिंदी, पारिभाषिक शब्दावली, मीडिया लेखन, रेडियो-नाटक, टेलीविजन कार्यक्रम, पत्रकारिता, पटकथा लेखन और अनुवाद के विविध पक्षों को विस्तार से समझाया गया है। यह ग्रंथ न केवल छात्रों और शोधार्थियों के लिए शिक्षणोपयोगी है, बल्कि हिंदी के व्यावहारिक स्वरूप को अपनाने वाले सभी पाठकों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eबहुभाषी भारत में प्रयोजनमूलक हिंदी का महत्व दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। यह पुस्तक हिंदी भाषा के नए आयामों को उजागर करती है और पाठकों को यह समझने में सक्षम बनाती है कि हिंदी किस प्रकार आधुनिक समाज, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जुड़ रही है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Prime Publishing House","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52698614759743,"sku":null,"price":315.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0977\/4071\/8399\/files\/PrayojanmulakHindiKeNayeAayam_DrJinuJon-Copy_1.jpg?v=1775373489","url":"https:\/\/primebookss.in\/products\/prayojanmulak-hindi-ke-naye-aayam","provider":"Prime Publishing House","version":"1.0","type":"link"}